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कीमती धातुओं के बाजार में चांदी ने निवेशकों को चौंका दिया है। जनवरी 2026 के अंत में चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। 29 जनवरी को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी का भाव 4 लाख रुपये प्रति किलो को पार करता हुआ करीब 4.20 लाख रुपये तक पहुंच गया। यह अब तक की सबसे तेज और बड़ी छलांग मानी जा रही है।
सिर्फ एक महीने पहले तक चांदी 2.50 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास कारोबार कर रही थी। यानी महज 30 दिनों में इसमें करीब 60 प्रतिशत की जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। सालाना आधार पर देखें तो चांदी निवेशकों को करीब तीन गुना रिटर्न दे चुकी है।
क्या चांदी 5 लाख रुपये तक पहुंचेगी?
कमोडिटी मार्केट के जानकारों का मानना है कि चांदी की मौजूदा रफ्तार महज सट्टा नहीं, बल्कि वैश्विक हालात का नतीजा है। YA वेल्थ के डायरेक्टर अनुज गुप्ता के अनुसार, अगर अंतरराष्ट्रीय तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी रहती है, तो अगले 2–3 वर्षों में चांदी का भाव 5 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच सकता है।
उनका कहना है कि दुनिया इस वक्त कई मोर्चों पर अस्थिरता से गुजर रही है। अमेरिका-ईरान टकराव, रूस-यूक्रेन युद्ध और पश्चिमी देशों के बीच बढ़ता तनाव निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर धकेल रहा है, जिसमें चांदी अहम भूमिका निभा रही है।
चांदी में तेजी के पीछे क्या हैं बड़े कारण?
विशेषज्ञों के मुताबिक, चांदी की कीमतों को कई फैक्टर एक साथ मजबूती दे रहे हैं—
- वैश्विक जियोपॉलिटिकल तनाव
- सेफ हेवन निवेश की बढ़ती जरूरत
- सोलर, इलेक्ट्रॉनिक्स और EV सेक्टर में औद्योगिक मांग
- सोने की कीमतों में मजबूती
- सीमित खनन और सप्लाई का दबाव
7 लाख रुपये तक जाने की भी संभावना!
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चांदी को लेकर अनुमान बेहद आक्रामक हैं। कनाडा की दिग्गज फाइनेंशियल संस्था BMO कैपिटल मार्केट्स का आकलन है कि 2027 के अंत तक चांदी की कीमत 7 लाख रुपये प्रति किलो से ऊपर जा सकती है। साथ ही, सोना भी आने वाले वर्षों में नए रिकॉर्ड बना सकता है।
विश्लेषकों का कहना है कि बदलती वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में निवेशकों का भरोसा फिएट करेंसी से कमजोर हो रहा है। ऐसे माहौल में भौतिक संपत्तियां—खासतौर पर सोना और चांदी—पूंजी संरक्षण का मजबूत जरिया बनती जा रही हैं।
जनवरी में ही दिखी सबसे बड़ी तेजी
29 जनवरी को MCX पर चांदी के दामों में एक ही दिन में करीब 9 प्रतिशत का उछाल दर्ज किया गया। मार्च 2026 एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट ने 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का स्तर पार कर लिया।
पूरे जनवरी महीने में चांदी की कीमतों में करीब 74 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है, जो कमोडिटी बाजार के इतिहास में दुर्लभ मानी जा रही है।
