Business News

कोल इंडिया की सब्सिडियरी भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (BCCL) के आईपीओ की लिस्टिंग डेट में बदलाव किया गया है। पहले यह लिस्टिंग 16 जनवरी 2026 को तय थी, लेकिन अब कंपनी के शेयर 19 जनवरी 2026 को एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होंगे। बताया जा रहा है कि BMC चुनाव परिणामों के चलते बाजार में संभावित उतार-चढ़ाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया।
🔹 रिकॉर्ड सब्सक्रिप्शन ने बढ़ाई चर्चा
BCCL का आईपीओ निवेशकों के बीच जबरदस्त आकर्षण का केंद्र रहा। इश्यू बंद होने तक इसे कुल 146 गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला, जो इसे हालिया वर्षों के सबसे ज्यादा चर्चित सरकारी आईपीओ में शामिल करता है। लगभग 1,071 करोड़ रुपये के इस इश्यू के लिए निवेशकों ने उम्मीद से कहीं अधिक आवेदन किए।
🔹 संस्थागत निवेशकों की आक्रामक एंट्री
सबसे मजबूत भागीदारी संस्थागत निवेशकों की रही, जिनका कोटा 300 गुना से अधिक भरा गया।
इसके अलावा—
- रिटेल निवेशक करीब 49 गुना,
- शेयरहोल्डर वर्ग लगभग 87 गुना,
- कर्मचारी कैटेगरी लगभग 5 गुना सब्सक्राइब हुई।
🔹 ग्रे मार्केट ने दिए पॉजिटिव संकेत
लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में शेयर इश्यू प्राइस से करीब 60% प्रीमियम पर ट्रेंड करते दिखे, जिससे मजबूत लिस्टिंग गेन की उम्मीद जताई जा रही है।
🔹 OFS के जरिए घटाई हिस्सेदारी
यह आईपीओ पूरी तरह ऑफर फॉर सेल आधारित था, जिसके तहत कोल इंडिया ने BCCL में अपनी 10% हिस्सेदारी बेची। लिस्टिंग के बाद भी कोल इंडिया के पास करीब 90% शेयर बने रहेंगे।
🔹 कोकिंग कोल सेक्टर की रीढ़
BCCL देश की सबसे बड़ी कोकिंग कोल उत्पादक कंपनियों में शामिल है। FY25 में घरेलू कोकिंग कोल उत्पादन में इसका योगदान करीब 58% रहा। कंपनी का मुख्य संचालन झारखंड के झरिया और पश्चिम बंगाल के रानीगंज कोलफील्ड में है।
🔹 बाजार की नजर 19 जनवरी पर
विशेषज्ञों के मुताबिक, BCCL आईपीओ को मिली ऐतिहासिक प्रतिक्रिया यह दिखाती है कि निवेशकों का भरोसा एक बार फिर PSU स्टॉक्स में लौट रहा है। अब सभी की नजरें 19 जनवरी की लिस्टिंग पर टिकी हैं।
