भुवनेश्वर

घटना बालासोर जिले के बहानगा बाजार स्टेशन के पास शाम 7 बजे हुई। हादसे के बाद इस रूट पर रेल ट्रैफिक बंद करना पड़ा है। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।
ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम ट्रेन हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 261 हो गई है। न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी दी। एक्सीडेंट में 900 से ज्यादा यात्री घायल हुए। रेलवे के मुताबिक 650 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। हादसा बालासोर के बहानगा बाजार स्टेशन के पास शुक्रवार शाम करीब 7 बजे हुआ। PM मोदी घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं। सुबह उन्होंने हालात की समीक्षा की।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बहानगा बाजार स्टेशन के पास आउटर लाइन पर एक मालगाड़ी खड़ी थी। हावड़ा से चेन्नई जा रही कोरोमंडल एक्सप्रेस यहां पटरी से उतर गई। तेज रफ्तार कोरोमंडल एक्सप्रेस का इंजन मालगाड़ी पर चढ़ गया। ट्रेन की बोगियां तीसरे ट्रैक पर जा गिरीं। कुछ देर बाद इसी ट्रैक पर आ रही हावड़ा-बेंगलुरु दुरंतो ने कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियों को टक्कर मार दी।

ओडिशा में शुक्रवार शाम हुए रेल हादसे के बाद शनिवार को रेस्क्यू में जुटी NDRF की टीम।
हादसे के 20 घंटे बाद भी वजह का पता नहीं
शुक्रवार शाम को करीब 8 बजे ओडिशा के बालासोर में एक ट्रेन के पटरी से उतरने की खबर आई। इसके बाद दूसरी ट्रेन के डिरेल होने की बात पता चली। रात में करीब 10 बजे साफ हुआ कि दो यात्री गाड़ियां और एक मालगाड़ी टकराई हैं। शुरुआत में 30 लोगों के मारे जाने की जानकारी थी, लेकिन देर रात यह आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया।
हादसे के 20 घंटे बाद यानी शनिवार दोपहर 2 बजे तक रेल मंत्री या रेलवे मिनिस्ट्री की तरफ से हादसे की वजहों पर कुछ नहीं कहा गया। मंत्री से लेकर अफसर तक ने केवल जांच कराने का बयान दिया। इधर, ट्रैक बंद हो जाने की वजह से इस रूट की 48 ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, 39 को डायवर्ट और 10 को शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है।
अपडेट्स…
- हादसे में सुरक्षित बचे 1000 पैसेंजर्स को विश्वेसरैया-हावड़ा एक्सप्रेस से हावड़ा रवाना कर दिया गया है।
- बालासोर से आने वाली एक स्पेशल ट्रेन से घटनास्थल पर फंसे 200 पैसेंजर्स को खाना और राहत सामग्री देकर भेजा गया।
- NDRF की तीन टीमें और 20 से ज्यादा फायर सर्विस एंड रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर हैं। इनमें 1200 बचाव कर्मी मौजूद हैं।
- भुवनेश्वर में अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद 115 एंबुलेस, 50 बसें और 45 मोबाइल हेल्थ यूनिट्स तैनात की गई हैं।
- NDRF और एयरफोर्स के हेलिकॉप्टर्स रेस्क्यू के लिए पहुंच गए हैं। भुवनेश्वर और कोलकाता से भी रेस्क्यू टीमें भेजी गई हैं।
- सेना की पूर्वी कमान से चिकित्सा और इंजीनियरिंग टीमों को एंबुलेंस और मेडिकल एड के साथ बालासोर में तैनात किया गया है।
- 2000 से ज्यादा लोग रातभर बालासोर मेडिकल कॉलेज के बाहर खड़े रहे, ताकि घायलों को मदद पहुंचा सकें। कई लोगों ने खून डोनेट किया।
- केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने भुवनेश्वर AIIMS में घायलों के लिए बिस्तर, ICU समेत जरूरी इंतजाम करने को कहा।
- दुर्घटना के बाद शनिवार को होने वाला गोवा-मुंबई वंदे भारत एक्सप्रेस का इनॉगरेशन कार्यक्रम रद्द कर दिया गया।
अब हादसे के बाद की सात तस्वीरें…

हादसा इतना भीषण था कि कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियां पूरी तरह पलट गईं।

कोरोमंडल एक्सप्रेस की बोगियां दूसरे ट्रैक पर खड़ी मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गईं।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि कोरोमंडल एक्सप्रेस का इंजन भी मालगाड़ी के ऊपर चढ़ गया।

हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और सीढ़ी लगाकर ट्रेन में फंसे लोगों को बाहर निकालना शुरू किया।

हादसे के बाद ट्रेन की बोगियां मलबे में तब्दील हो गईं। रेस्क्यू दल के लोग मुश्किल से ट्रेन में दाखिल हो पाए।

घटनास्थल पर लाशों का ढेर लग गया। कई लोगों के ट्रेन के मलबे में दबे होने की आशंका है।

मौके पर 50 से ज्यादा एम्बुलेंस तैनात की गईं, जिनसे घायलों को अस्पताल ले जाया गया।
हादसे के बाद रेलवे ने अलग-अलग स्टेशन पर हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।
- इमरजेंसी कंट्रोल रूम: 6782262286
- हावड़ा: 033-26382217
- खड़गपुर: 8972073925, 9332392339
- बालासोर: 8249591559, 7978418322
- कोलकाता शालीमार: 9903370746
प्रधानमंत्री बालासोर जाएंगे, घायलों से मिलेंगे
पीएम नरेंद्र मोदी कुछ देर में घटनास्थल का दौरा करेंगे। वे बालासोर रवाना हो गए हैं। प्रधानमंत्री अस्पताल में घायलों से भी मिलेंगे। इससे पहले उन्होंने रेल हादसे की समीक्षा के लिए हाई लेवल मीटिंग भी बुलाई थी।
प्रधानमंत्री के अलावा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव सुबह बालासोर पहुंचे थे और उन्होंने हादसे की जांच के आदेश दिए। इधर, ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने बालासोर के अस्पताल का दौरा किया। राज्य सरकार ने एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया है।
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी बालासोर पहुंच गई हैं। वहीं तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने ओडिशा के मुख्यमंत्री से बात की है। तमिलनाडु के मंत्री उधयनिधि स्टालिन, शिव शंकर और ए महेश ओडिशा जा रहे हैं।

यह ट्रेन हादसे का एरियल व्यू है। आपस में टकरा जाने से ट्रेनों के कई कोच क्षतिग्रस्त हो गए।
दोनों ट्रेनों के बहानगा स्टेशन पहुंचने में 3 घंटे का फर्क था, पर एक साथ आ गईं
ट्रेन नंबर 12864 बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस 1 जून को सुबह 7:30 बजे बेंगलुरु के यशवंतपुर स्टेशन से चली थी। इसे 2 जून को शाम करीब 8 बजे हावड़ा पहुंचना था। यह अपने समय से 3.30 घंटे की देरी से 6:30 बजे भद्रक पहुंची। अगला स्टेशन बालासोर था, जहां ट्रेन 4 घंटे की देरी से 7:52 पर पहुंचने वाली थी।
वहीं, ट्रेन नंबर 12841 शालीमार-चेन्नई सेंट्रल कोरोमंडल एक्सप्रेस 2 जून को ही दोपहर 3:20 बजे हावड़ा से रवाना हुई थी। ये 3 जून को शाम 4:50 बजे चेन्नई सेंट्रल पहुंचती। यह अपने सही समय पर 6:37 बजे बालासोर पहुंची। अगला स्टेशन भद्रक था जहां ट्रेन को 7:40 बजे पहुंचना था। लेकिन, 7 बजे करीब दोनों ट्रेन बहानगा बाजार स्टेशन के पास से आमने-सामने से गुजरीं, तभी हादसा हुआ।
14 साल पहले भी शुक्रवार को ही पटरी से उतरी थी कोरोमंडल एक्सप्रेस
3 फरवरी 2009 को ओडिशा के जाजपुर जिले में ट्रैक बदलते समय कोरोमंडल एक्सप्रेस की 13 बोगियां पटरी से उतर गई थीं। हादसे में 16 लोगों की मौत हुई थी। इत्तेफाक से उस दिन भी शुक्रवार था।
इसके अलावा 15 मार्च, 2002 को दोपहर में आंध्र प्रदेश के नेल्लोर जिले में इसके सात डिब्बे पटरी से उतर गए थे। हादसे में 100 यात्री घायल हुए थे। 14 जनवरी 2012 को ओडिशा में लिंगराज स्टेशन के पास इस ट्रेन के जनरल डिब्बे में आग लगी थी।

प्रधानमंत्री-रेलमंत्री ने मुआवजे का ऐलान किया
पीएम मोदी ने हादसे को लेकर दुख जताया। उन्होंने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से बात की। हादसे में मरने वाले लोगों के परिवार को 2 लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने का ऐलान किया।
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मारे गए लोगों के परिवार को 10 लाख रुपए, गंभीर रूप से घायल लोगों के लिए 2 लाख रुपए और चोट लगने वाले लोगों के लिए 50,000 रुपए देने की घोषणा की है।
ममता, राहुल ने दुख जताया, कार्यकर्ताओं से मदद की अपील
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हादसे पर दुख जताया। उन्होंने ट्विटर पर लिखा- हम ओडिशा सरकार की मदद के लिए 5-6 सदस्यों की टीम मौके पर भेज रहे हैं।
राहुल और प्रियंका गांधी ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से रेस्क्यू में मदद करने की अपील की।

