चंद्रपुर।

महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले में स्थानीय निकाय चुनाव के बाद सियासी तनाव उस वक्त खुलकर सामने आ गया, जब कांग्रेस के नवनिर्वाचित पार्षदों को ले जा रही बस को रास्ते में रोककर उन्हें अगवा करने की कोशिश की गई। यह घटना गुरुवार शाम वर्धा जिले के समृद्धि एक्सप्रेसवे के पास हुई, जहां नकाबपोश लोगों के एक समूह ने बस को घेर लिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस के 17 से 18 पार्षद चंद्रपुर म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के सदस्य हैं और चुनावी जीत के बाद नागपुर जा रहे थे। उन्हें डिविजनल कमिश्नर कार्यालय में जरूरी औपचारिकताएं पूरी करनी थीं। इसी दौरान येलकेली टोल प्लाजा के पास 4 से 6 गाड़ियों में सवार करीब 20 लोग वहां पहुंचे और बस को रुकवाकर पार्षदों को जबरन नीचे उतारने का प्रयास करने लगे।
नकाबपोशों की हरकत से मचा हड़कंप
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों के चेहरे ढके हुए थे और उन्होंने अचानक बस को चारों ओर से घेर लिया। इस बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं को घटना की जानकारी मिली और वे मौके पर पहुंच गए। दोनों पक्षों के बीच झड़प हुई, जिससे कुछ देर के लिए इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
सूचना मिलते ही सावंगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात पर काबू पाया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मदद से एक आरोपी को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान नागपुर निवासी कनैन सिद्दीकी के रूप में हुई है।
छह लोगों पर दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने पार्षद राजेश अदूर की शिकायत के आधार पर कनैन सिद्दीकी समेत पांच अन्य लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। इसके अलावा कई अज्ञात आरोपियों को भी नामजद किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच की जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसके पीछे किसकी साजिश थी।
कांग्रेस के अंदरूनी घमासान से जुड़ रहा मामला
राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि बस में सवार अधिकतर पार्षद कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार के समर्थक हैं। चंद्रपुर नगर निगम में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन मेयर पद को लेकर पार्टी के भीतर दो गुटों में तीखी खींचतान चल रही है। एक पक्ष विजय वडेट्टीवार से जुड़ा है, जबकि दूसरा सांसद प्रतिभा धनोरकर के समर्थन वाला माना जा रहा है।
मेयर चुनाव से पहले बढ़ा तनाव
15 जनवरी को हुए नगर निगम चुनावों के बाद 10 फरवरी को मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव होना है। 66 सदस्यीय निगम में कांग्रेस को 27 सीटें मिली हैं, जबकि बहुमत का आंकड़ा 34 है। ऐसे में यह घटना न सिर्फ कानून-व्यवस्था, बल्कि राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने स्थिति सामान्य होने का दावा किया है और कहा है कि किसी भी हाल में कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।
