नई दिल्ली।

साल 2026 का बजट बुजुर्ग यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। सूत्रों के अनुसार, भारतीय रेलवे सीनियर सिटीजन कंसेशन को फिर से बहाल करने पर विचार कर रहा है। यह सुविधा मार्च 2020 में कोविड-19 महामारी के कारण अस्थायी रूप से बंद कर दी गई थी।
यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो 60 साल से अधिक आयु वाले पुरुष और 58 साल से अधिक आयु वाली महिलाएं फिर से ट्रेन टिकट में छूट का लाभ उठा सकेंगी।
सीनियर सिटीजन कंसेशन का इतिहास
भारतीय रेलवे लंबे समय से बुजुर्ग यात्रियों को छूट देती रही है। पुरुष यात्रियों को 40% और महिला यात्रियों को 50% तक की छूट मिलती थी। यह सुविधा लगभग सभी क्लास—स्लीपर, थर्ड AC, सेकेंड AC और फर्स्ट AC—में लागू होती थी। टिकट बुकिंग के दौरान केवल उम्र दर्ज करनी होती थी और इसके लिए कोई अलग कार्ड या प्रक्रिया जरूरी नहीं थी। IRCTC प्लेटफॉर्म और रेलवे काउंटर दोनों जगह इसे आसानी से लागू किया जा सकता था।
कोविड-19 में रोक और वित्तीय दबाव
मार्च 2020 में महामारी के चलते ट्रेन सेवाएं रुक गईं और यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट आई। रेलवे को वित्तीय नुकसान हुआ, इसलिए सीनियर सिटीजन कंसेशन अस्थायी रूप से बंद कर दी गई। उस समय यह तर्क दिया गया कि रेलवे पहले से ही सब्सिडी में चल रही है और बुजुर्गों की छूट पर हर साल 1600-2000 करोड़ रुपये का खर्च आता है।
Budget 2026 में उम्मीदें
सूत्रों का कहना है कि बजट से पहले वित्त और रेलवे मंत्रालय के बीच बैठक में कंसेशन बहाल करने पर चर्चा हुई है। अगर प्रस्ताव मंजूर होता है, तो बुजुर्ग यात्रियों को रेल यात्रा में बड़ी राहत मिलेगी। बजट में इसकी घोषणा होने की संभावना है, जिससे सीनियर सिटीजन्स के यात्रा खर्च में महत्वपूर्ण कमी आएगी।
सीनियर्स के लिए सुविधा का महत्व
यह छूट केवल आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि बुजुर्ग यात्रियों के लिए रेल यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाती है। विशेषकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले सीनियर्स के लिए यह सुविधा अत्यंत लाभकारी मानी जाती है।
