मुंबई।

भारतीय शेयर बाजार में आज हल्की मजबूती देखने को मिली। दिनभर के उतार-चढ़ाव के बाद बीएसई सेंसेक्स 221 अंक ऊपर बंद होकर 82,566 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 73 अंक की बढ़त के साथ 25,416 पर बंद हुआ।
हालांकि, ऑटो, फार्मा और आईटी सेक्टर के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा। कारोबारी शुरुआत सकारात्मक रही, लेकिन दोपहर के सत्र में चुनिंदा सेक्टरों में मुनाफावसूली के कारण तेजी सीमित रही। बैंकिंग और कुछ हैवीवेट शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया और प्रमुख सूचकांक अंततः बढ़त के साथ बंद हुए।
सेक्टर की स्थिति:
ऑटो, फार्मा और आईटी शेयरों में कमजोरी रही, जबकि बैंकिंग, एफएमसीजी और कैपिटल गुड्स में सीमित खरीदारी ने बाजार को गिरने से रोका। बढ़ती लागत और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण इन सेक्टरों में निवेशकों का रुझान सतर्क रहा।
वैश्विक बाजारों का प्रभाव:
एशियाई बाजारों से मिले-जुले संकेत मिले। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 0.98% बढ़त के साथ बंद हुआ, जापान का निक्केई मामूली बढ़त में रहा, जबकि हॉन्गकॉन्ग और चीन के शेयर बाजारों में हल्की तेजी रही। अमेरिका में डाउ जोंस मामूली मजबूत, नैस्डैक सीमित बढ़त, और S&P 500 में हल्की गिरावट देखी गई। इन वैश्विक संकेतों का असर भारतीय बाजार पर भी दिखा और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।
FII और DII गतिविधियाँ:
विदेशी निवेशकों (FII) ने 28 जनवरी को करीब 880 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 3,057 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया। दिसंबर 2025 के आंकड़ों के अनुसार, FIIs ने 34,350 करोड़ रुपये की बिक्री की थी, जबकि DIIs ने 79,620 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। इससे पता चलता है कि घरेलू निवेशक बाजार को लगातार मजबूती दे रहे हैं।
पिछले सत्र की तुलना:
मंगलवार को सेंसेक्स 487 अंक ऊपर 82,344 और निफ्टी 167 अंक बढ़कर 25,342 पर बंद हुआ था।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें और विदेशी निवेशकों की गतिविधियाँ बाजार की दिशा तय करेंगी। फिलहाल, निवेशकों को चुनिंदा शेयरों में सतर्क निवेश करने की सलाह दी जा रही है।
