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बीते साल दिसंबर में देशभर में हुई भारी फ्लाइट अव्यवस्थाओं के मामले में अब नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने इंडिगो एयरलाइंस के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है। विस्तृत जांच के बाद नियामक संस्था ने एयरलाइन पर 22.2 करोड़ रुपये का आर्थिक दंड लगाया है और कंपनी के शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
DGCA ने इंडिगो के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को औपचारिक चेतावनी, अकाउंटेबल मैनेजर को कड़ी फटकार, और ऑपरेशंस कंट्रोल सेंटर से जुड़े वरिष्ठ उपाध्यक्ष को उनकी जिम्मेदारियों से हटाने का आदेश दिया है। नियामक का कहना है कि कंपनी का पूरा ऑपरेशनल मॉडल असंतुलित हो चुका था।
क्या गड़बड़ियां उजागर हुईं जांच में
जांच रिपोर्ट में बताया गया है कि इंडिगो ने उड़ानों के संचालन को जरूरत से ज्यादा “टाइट शेड्यूल” पर चला दिया था। विमान और क्रू का बैकअप बेहद सीमित था, जिससे थोड़ी सी बाधा भी बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन में बदल गई।
DGCA के मुताबिक:
- ✦ ऑपरेशनल रिस्क असेसमेंट कमजोर था
- ✦ नई FDTL व्यवस्था जमीन पर सही ढंग से लागू नहीं हुई
- ✦ इमरजेंसी से निपटने के लिए कोई मजबूत प्लान मौजूद नहीं था
क्रू मैनेजमेंट बना सबसे बड़ी चिंता
रिपोर्ट में सबसे कड़ा रुख क्रू शेड्यूलिंग को लेकर अपनाया गया है।
जांच में पाया गया कि कर्मचारियों से लगातार अधिकतम ड्यूटी ली जा रही थी और आराम की अवधि को न्यूनतम स्तर पर रखा गया।
नियामक के अनुसार:
- ✦ लगातार लंबी ड्यूटी
- ✦ सीमित रेस्ट और रिकवरी पीरियड
- ✦ बार-बार ड्यूटी पैटर्न में बदलाव
इन सबने न केवल कर्मचारियों पर मानसिक-शारीरिक दबाव बढ़ाया, बल्कि ऑपरेशनल सेफ्टी पर भी असर डाला।
सॉफ्टवेयर और मैनेजमेंट की खामियां
DGCA ने इंडिगो के ऑपरेशनल सॉफ्टवेयर और आंतरिक मॉनिटरिंग सिस्टम को भी कटघरे में खड़ा किया है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी का टेक्निकल इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ते नेटवर्क के अनुरूप विकसित नहीं हुआ।
मैनेजमेंट स्तर पर जोखिम संकेतों को समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे समस्या धीरे-धीरे बड़े संकट में बदल गई।
एविएशन सेक्टर के लिए कड़ा संदेश
DGCA ने स्पष्ट किया है कि यह कार्रवाई केवल इंडिगो तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है कि सुरक्षा मानकों से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एयरलाइन को निर्देश दिए गए हैं कि वह:
- क्रू और एयरक्राफ्ट बैकअप बढ़ाए
- ऑपरेशनल सॉफ्टवेयर को अपग्रेड करे
- FDTL नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करे
- और हर स्तर पर जवाबदेही तय करे
