Dharm Desk

श्री राम जन्मभूमि मन्दिर में श्रीराम लला के विराजमान होने को एक वर्ष का समय होने वाला है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह पूर्वक मनाने की योजना-रचना तैयार की है. इसी के साथ ही मन्दिर निर्माण के शेष कार्य में भरपूर तेज़ी आई है. परकोटे में निर्माणाधीन शिव मन्दिर, सूर्य मन्दिर, दुर्गा माता मन्दिर, गणेश मन्दिर, अन्नपूर्णा मन्दिर और हनुमान मन्दिर में से कुछ का स्पष्ट स्वरूप उभर आया है तथा शेष में निर्माण कार्य तेजी पर है.
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए अयोध्या में भी रामलला के दर्शन का समय 1 जनवरी से एक घंटा बढ़ाए जाने की निर्णय लिया गया है. श्री जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्टके सदस्य अनिल मिश्रा ने यह जानकारी दी. अनिल मिश्रा ने बुधवार को कहा कि प्रयागराज में आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत को देखते हुए ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि रामलला के दर्शन का समय 1 जनवरी से एक घंटे के लिए बढ़ाया जाएगा.
सात प्रवेश मार्ग
अनिल मिश्रा ने बताया कि इस साल 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बहुत व्यवस्थित व्यवस्था की गई है. सात प्रवेश मार्गों का इस्तेमाल किया जाता है. यात्रियों की सुविधा के लिए वस्तुओं को रखने और उनके जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था है. पास में दो हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है. पेयजल और चिकित्सा की व्यवस्था है. इन सब सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकता है. उसके बाद दर्शन के लिए प्रस्थान करते हैं.
सुरक्षा के बाद चार पंक्तियों से लोग जाते हैं. वहां पर रामलला के दर्शन बहुत दिव्यता से होते हैं. प्रतिदिन सुगमता पूर्वक तीन लाख लोग दर्शन कर सकते हैं. पंक्ति में रहकर नजदीक से दर्शन की व्यवस्था है.
निकास मार्ग पर प्रसाद की व्यवस्था है. प्रत्येक श्रद्धालु जो यहां आता है उसे प्रसाद मिलता है. प्रत्येक लाइन में बैठने के लिए बेंच भी है. तीन लाख लोग 40 से 45 मिनट में दर्शन कर सकते हैं. अगले साल 1 जनवरी से दर्शन की अवधि बढ़ाने का फैसला किया गया है. दर्शन की अवधि करीब एक घंटे और बढ़ाएंगे जिससे 1 जनवरी को आने वाले श्रद्धालुओं और महाकुंभ में आने वाले भक्तों को सुविधा होगी.
