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अगर आपके बैंक अकाउंट में कभी कम बैलेंस की वजह से UPI पेमेंट फेल हुआ है, तो UPI Now Pay Later आपके लिए बड़ी राहत बन सकता है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) की यह पहल UPI को सिर्फ सेविंग अकाउंट तक सीमित नहीं रखती, बल्कि जरूरत पड़ने पर प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन के जरिए तुरंत भुगतान की सुविधा देती है।
क्या है UPI Now Pay Later
UPI Now Pay Later एक डिजिटल क्रेडिट सुविधा है, जिसके तहत बैंक या लेंडर ग्राहकों को पहले से तय (प्री-अप्रूव्ड) क्रेडिट लिमिट देते हैं। इस लिमिट का इस्तेमाल यूज़र UPI के जरिए भुगतान करने में कर सकता है और तय समय सीमा में बाद में रकम चुका सकता है। यह सुविधा शॉर्ट-टर्म क्रेडिट की तरह काम करती है।
कैसे करता है काम
- बैंक/लेंडर यूज़र की प्रोफाइल और क्रेडिट स्कोर के आधार पर एक क्रेडिट लिमिट तय करता है (जैसे ₹20,000 से ₹50,000 तक)
- UPI पेमेंट के समय यूज़र बैंक अकाउंट की जगह क्रेडिट लाइन को चुनता है
- भुगतान तुरंत हो जाता है और राशि क्रेडिट लिमिट से एडजस्ट हो जाती है
- बिलिंग साइकिल के अंत में इस्तेमाल की गई रकम का बिल बनता है, जिसे तय शर्तों के अनुसार चुकाना होता है
UPI Now Pay Later के प्रमुख फायदे
- तुरंत क्रेडिट: कम बैलेंस होने पर भी पेमेंट में रुकावट नहीं
- व्यापक स्वीकार्यता: जहां UPI स्वीकार है, वहां यह सुविधा भी काम करती है
- लचीला भुगतान: तय समय बाद भुगतान करने का विकल्प
- पूरी तरह डिजिटल: बिना कागजी प्रक्रिया के तेज़ ऑनबोर्डिंग
पात्रता क्या है
- उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक
- भारतीय नागरिक होना
- मोबाइल नंबर से लिंक आधार और पैन
- UPI-सक्षम बैंक में सक्रिय खाता
- सामान्यतः CIBIL स्कोर 750 या उससे अधिक
NPCI की यह सुविधा डिजिटल पेमेंट को ज्यादा लचीला, सुलभ और यूज़र-फ्रेंडली बनाती है। अचानक जरूरत या अस्थायी नकदी की कमी में UPI Now Pay Later रोज़मर्रा के भुगतान को आसान बना सकता है।
